राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बम निरोधक प्रणालियों के लिए पहला भारतीय मानक जारी

- पहला भारतीय मानक जारी: BIS ने बम निरोधक प्रणालियों (बम ब्लैंकेट, बम बास्केट आदि) के लिए समर्पित मानक IS 19445:2025 जारी किया, जो प्रदर्शन मूल्यांकन को मानकीकृत करेगा।
- किसने जारी किया: उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 2025 (28 दिसंबर) के अवसर पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में लॉन्च किया।
- आवश्यकता और विकास: गृह मंत्रालय व DRDO (TBRL) की मांग पर तैयार; अंतरराष्ट्रीय मानकों की कमी/असंगति दूर करने के लिए NSG, CAPF, पुलिस आदि हितधारकों की भागीदारी से बनाया गया।
- प्रमुख लाभ: सुरक्षा कर्मियों व नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी, खरीद-परीक्षण में पारदर्शिता आएगी, 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा मिलेगा और उपकरणों की विश्वसनीयता मजबूत होगी।
नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2025 : भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बम निरोधक प्रणालियों (बम डिस्पोजल सिस्टम्स) के लिए पहला समर्पित भारतीय मानक आईएस 19445:2025 जारी किया है। यह मानक बम ब्लैंकेट, बम बास्केट और बम इनहिबिटर जैसी प्रणालियों के प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए व्यापक दिशानिर्देश प्रदान करता है, जिससे विस्फोटक खतरों से निपटने में सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ेगी।


बम निरोधक कंबल (बम ब्लैंकेट) विस्फोट के प्रभाव को दबाने के लिए बम डिस्पोजल टीमों द्वारा उपयोग किया जाता है।
यह मानक गृह मंत्रालय और डीआरडीओ की टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (टीबीआरएल) के अनुरोध पर विकसित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों की सीमित पहुंच और भारतीय खतरे की स्थितियों से उनकी असंगति को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।
आईएस 19445:2025 में परीक्षण उपकरण, रेंज स्थितियां, मूल्यांकन प्रक्रियाएं और स्वीकृति मानदंड स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं। यह निर्माताओं, परीक्षण एजेंसियों और खरीद प्रक्रियाओं के लिए एकसमान मानक स्थापित करेगा।


बम बास्केट या कंटेनमेंट वेसल संदिग्ध विस्फोटकों को सुरक्षित रखने और प्रभाव को सीमित करने के लिए उपयोग होता है।
मानक तैयार करने में डीआरडीओ, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राज्य पुलिस सहित विभिन्न हितधारकों की भागीदारी रही। अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को भारतीय परिदृश्य के अनुरूप अनुकूलित किया गया है।


भारतीय बम डिस्पोजल स्क्वॉड (एनएसजी/पुलिस) बम सूट और उपकरणों के साथ अभ्यास करते हुए।
इस मानक से प्रमुख लाभ:
- स्पष्ट और वस्तुनिष्ठ प्रदर्शन मूल्यांकन मानदंड
- सुरक्षा कर्मियों तथा नागरिकों की सुरक्षा में वृद्धि
- खरीद, परीक्षण एवं प्रमाणन में पारदर्शिता
- ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेशी विकास को प्रोत्साहन
- उपकरणों की विश्वसनीयता एवं अंतरसंचालनीयता में सुधार
उपभोक्ता मामलों की सचिव श्रीमती निधि खरे ने कहा कि यह मानक स्वैच्छिक रूप से अपनाया जाएगा, जिससे मूल्यांकन में एकरूपता आएगी, गुणवत्ता आधारित विनिर्माण बढ़ेगा और महत्वपूर्ण सुरक्षा अभियानों में विश्वास मजबूत होगा।
यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा एवं तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली है।
(All ptoto credit : Social Midea)


